प्यार और दोस्ती जो झुकाए वो प्यार!
जो झुक जाये वो दोस्ती जो रुलाये वो प्यार!
जो हंसी लौटा लाये वो दोस्ती जो अजमाए वो प्यार!
जो कबी न जताए वो दोस्ती जो छोड़ जाये वो प्यार!
जो बिना कहे साथ देने आये वो दोस्ती जो हमें गम दे वो प्यार!
जो गम बांटे वो दोस्ती जो सबको दुश्मन बनाये वो प्यार!
जो सबको अपना बना दे वो दोस्ती जो लौट आये वो प्यार!
जो कबी साथ छोड़ क न जाये वो दोस्ती जो दिल को चुभ जाये वो प्यार!
जो दिल को छु जाये वो दोस्ती जो मजनू राँझा ने न पाया वो प्यार!
जो अर्जुन और सुदामा ने पाई वो दोस्ती प्यार का दूसरा नाम है कुर्बानी!
दोस्ती हर हाल में पड़ती है निभानी प्यार मंजिल है!
दोस्ती रास्ता है और दोनों का है दिल से वास्ता है!
